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नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।

सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)

नोट : उपरोक्त में से किसी एक मंत्र का ही प्रयोग करें।

यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

यह पूरे विश्व में लोगों के लिए नुकसान देने वाला हो सकता है. भगवती की विदाई मुर्गे पर होगी, जो भी अच्छा नहीं माना जाता. यह लड़ाई और डर पैदा करने वाला संकेत देता है.

इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,

दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।

मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

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यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम read more से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।

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